Hindi

Hindi and Sanskrit – D and C

Academic Department Details

Department:Department of Hindi and Sanskrit

Subject:Hindi and Sanskrit

Learning Objectives

  • Understanding of language
  • Enhancement of linguistic aptitude
  • Introduction to the culture of the target language
  • Introduction to the literature of the target language

Skills Required to Learn

  • Reading
  • Writing
  • Comprehension
  • Speaking

General Comments

Sanskrit

We start Sanskrit in D form where students are introduced to the basics of Sanskrit language. Students are taught basic grammar, vocabulary and construction of simple sentences. Some boys join school in C form and they are kept in one stream and they begin their language learning in C form. We follow the NCERT syllabus in D and C forms.

Hindi

There are two categories of students who join school in D and C forms:

1. Beginners

2. Students with some prior knowledge

We run separate curriculums for beginners in D and C forms with the aim to bring them at par with other students by the time they appear in ICSE. All beginners study Hindi in the place of Sanskrit in D and C forms.

Hindi – B and A

बी तथा ए फामम

Department:परीक्षा बोर्म

फी पाभम भें घयेरू ऩयीऺाएॊ होती हैं, ऩयन्तु प्रश्न ऩत्र का प्रारूऩ, भूलमाॊकन तथा ऩाठ्मक्रभ विकास विकास आई. सी. एस. ई. के भानदॊडों के आधाय ऩय ककमा जाता है| ए पाभम की ऩयीऺा आई.सी.एस. ई. द्िाया ही सॊचालरत होती है|

पाठ्यक्रम

हभ िर्ततमभान भें फी तथा ए पाभम भें आई. सी. एस. ई. द्िाया ननधामरयत ऩाठ्मक्रभ का ही प्रमोग कय यहे हैं|

एक कऺा का काममबाय एक ही अध्माऩक को ददमा जाता है औय इस फात का बी प्रमर्तन ककमा जाता है कक दोनों िर्म एक कऺा एक ही अध्माऩक के ऩास यहे| हभाया भानना है कक इससे ननयॊतयता फनी यहती है| साथ ही छात्र – अध्माऩक की आऩसी सभझ बी ननयॊतय विकलसत होती यहती है जजसका राब अॊतत: छात्रों को ही प्राप्त होता है|

काउंससऱ द्वारा निर्ामररत पाठ्य-पुस्तकें

  • गद्म-सॊकरन
  • चॊद्रगुप्त विक्रभाददर्तम
  • एकाॊकी सुभन
  • काव्म-चॊदद्रका

काउॊलसर द्िाया ननधामरयत इन चाय ऩुस्तकों भें से कभ से कभ ककन्हीॊ दो ऩुस्तकों का अध्ममन छात्रों को दो िर्ों भें कयना होता है| प्रथभ िर्म अथामत फी पाभम भें सबी छात्रों को गद्म-सॊकरन का अध्ममन कयामा जाता है| गद्म-सॊकरन भें दहन्दी की प्रनतननधध गद्म यचनाओॊ मथा कहानी, सॊस्भयण, ननफॊध आदद को सजमभलरत ककमा गमा है| द्वितीम िर्म अथामत ए पाभम भें अध्माऩक अऩनी कऺा के छात्रों की रूधच औय मोग्मता को ध्मान भें यखते हुए शेर् तीन भें से ककसी एक ऩुस्तक को चुन रेते हैं| सबी िगों के अध्माऩकों के ऩास अऩनी इच्छा से ऩुस्तक का चमन कयने का अधधकाय होता है|

रचिा

छात्रों भें यचनार्तभकता का विकास कयने के लरए उन्हें ननमलभत रूऩ से ननफॊध-यचना, कहानी रेखन, आरेख रेखन, औऩचारयक तथा अनौऩचारयक ऩत्र रेखन आदद का अभ्मास कयामा जाता है|

बोर् एवं प्रनतवचि

बावर्क सभझ, तथ्म की सभझ तथा प्रनतिचन की मोग्मता का विकास कयने के लरए छात्रों को सभम सभम ऩय अऩदित गद्माॊशों के ऩिन औय उन ऩय आधारयत प्रश्नों के उर्ततय देने का अभ्मास कयामा जाता है|

व्याकरण

कऺा भें भुहािये, रोकोजततमाॉ, िचन, लरगॊ , ऩमाममिाची, विशेर्ण, विरोभ शब्द, सॊऻा, सिमनाभ, विशेर्ण, िातमयचना एिॊ शुद्दीकयण आदद का अभ्मास ननमलभत औय मोजनाफद्द रूऩ से कयामा जाता है|

भाषषक कौशऱ

विबाग का ऩूया ध्मान छात्रों के बावर्क कौशर के विकास ऩय बी यहता है| इस की ऩूनत म के लरए कऺा भें सभम सभम ऩय द्रश्म औय श्रव्म भाध्मभों का प्रमोग ककमा जाता है|

आतंररक मूलयांकि

छात्रों भें यचनार्तभक तथा भौलरक रेखन को फढ़ािा देने देने के लरए, विश्रेर्णार्तभक मोग्मता के विकास के लरए, शोध की सभझ का विकास कयने के लरए, तथा कलऩनाशीरता एिॊ अलबव्मजतत की सभझ विकलसत कयने के लरए उन्हें कुछ कामम ददमा जाता है| छात्रों को प्रर्तमेक िर्म भें चाय चाय कामममोजनाएॊ कयनी होती हैं| इन कामममोजनाओॊ का भूलमाॊकन आई. सी. एस. ई. के ददशाननदेश के आधाय ऩय आतॊरयक रूऩ से विद्मारम के अध्माऩकों के द्िाया ककमा जाता है| मे कामम प्राम: यचानार्तभक रेखन, भौखखक अलबव्मजतत तथा श्रिण आबास ऩय आधारयत होते हैं|

Hindi – S and SC

एस तथा एस. सी. फामम (आई. एस. सी.)

Department:परीक्षा बोर्म

एस पाभम भें ऩयीऺाएॊ घयेरू ही होती हैं, ऩयन्तु प्रश्न-ऩत्र प्रारूऩ, भूलमाॊकन तथा ऩाठ्मक्रभ विकास आई. सी. एस.ई. के भानदॊडों के आधाय ऩय ककमा जाता है|

पाठ्यक्रम

एस तथा एस सी. कऺाओॊ के छात्रों से मह अऩेऺा की जाती है कक िे स्ऩष्ट औय भुखय अभबव्मक्तत कयने भें सऺभ हों तथा स्िीकृत िातमरूऩों सॊयचनाओॊ का उऩमोग कयते हुए भुहाियेदाय बाषा भरख औय सभझ सकें | इस उद्देश्म की ऩूर्त म के भरए उन्हें गहन ऻान औय साहहत्म के अभबभूलमाॉ की ओय क्रभश: प्रेरयत ककमा जाता है|

हभ ित्तमभान भें इन कऺाओॊ भें काउॊभसर द्िाया र्नधामरयत ऩाठ्मक्रभ का प्रमोग कय यहे हैं|

एक कऺा का काममबाय एक ही अध्माऩक को हदमा जाता है औय इस फात का बी प्रमत्न ककमा जाता है कक दोनों िषम एक कऺा एक ही अध्माऩक के ऩास यहे| हभाया भानना है कक इससे र्नयॊतयता फनी यहती है| साथ ही छात्र-अध्माऩक की आऩसी सभझ बी र्नयॊतय विकभसत होती यहती है क्जसका राब अॊतत: छात्रों को ही प्राप्त होता है|

काउंससऱ द्वारा निर्ामररत पाठ्य-पुस्तकें

  • काव्म तयॊग
  • र्नभमरा
  • कथा सुयभब
  • ज्िाराभुखी के पूर

काउॊभसर द्िाया र्नधामरयत इन चाय ऩुस्तकों भें से कभ से कभ ककन्हीॊ तीन ऩुस्तकों का अध्ममन छात्रों को दो िषों भें कयना होता है| अध्माऩक अऩनी कऺा के छात्रों की रूचच औय मोग्मता को ध्मान भें यखते हुए ऩुस्तकों का चुनाि रेते हैं| सबी िगों के अध्माऩकों के ऩास अऩनी इच्छा से ऩुस्तकों के चमन का अचधकाय होता है|

रचिा

छात्रों भें यचनात्भकता का विकास कयने के भरए उन्हें र्नमभभत रूऩ से र्नफॊध-यचना, कहानी रेखन औय आरेख रेखन आहद का अभ्मास कयामा जाता है| इस विषम भें इस फात का विशेष ध्मान यखा जाता है कक रेखन के विषम रक्षऺत आमुिगम के अनुबि तथा भानभसक, फौविक एिॊ बािनात्भक विकास से जुड़े हुए हों|

बोर् एवं प्रनतवचि

बावषक सभझ, तथ्म की सभझ तथा प्रर्तिचन की मोग्मता का विकास कयने के भरए छात्रों को सभम सभम ऩय अऩहित गद्माॊशों के ऩिन औय उन ऩय आधारयत प्रश्नों के उत्तय देने का अभ्मास कयामा जाता है|

व्याकरण

कऺा भें भुहािये, रोकोक्ततमाॉ, िचन, भरगॊ , ऩमाममिाची, विशेषण, विरोभ शब्द, सॊऻा, सिमनाभ, विशेषण, िातमयचना एिॊ शुिीकयण आहद का अभ्मास र्नमभभत औय मोजनाफि रूऩ से कयामा जाता है|

भाषषक भाषषक कौशऱ

विबाग का ऩूया ध्मान छात्रों के बावषक कौशर के विकास ऩय बी यहता है| इस उद्देश्म की ऩूर्त म के भरए कऺा भें सभम सभम ऩय द्रश्म औय श्रव्म भाध्मभों का प्रमोग ककमा जाता है|

अभ्यास

  • कऺा एिॊ कऺा से इतय विविध सृजनात्भक एिॊ फहुभाध्मभीम स्रोतों के भाध्मभ से फच्चों भें बाषा औय साहहत्म के प्रर्त रूचच एिॊ सभझ का विकास|
  • अधोभरखखत कक्रमा कराऩ का कऺाओॊ भें र्नमभभत रूऩ से सॊचारन –
    • यचनात्भक रेखन
    • अभबनम
    • िाद-वििाद
    • प्रश्नोत्तयी
    • सभाॊ-साभर्मक विषमों ऩय सभमानुसाय कामम
    • ऩुस्तकारम एिॊ सूचना के अन्म स्रोतों का उऩमोग
  • ऩाि-मोजना का र्नमभभत प्रमोग

षवभागीय संस्थाएं, प्रकाशि तथा अन्य पाठ्यक्रमेत क्रक्रया-कऱाप

हहन्दी विबाग द्िाया ऩूये िषम छात्रों की फौविक, भानभसक तथा सौन््मफोधात्भक आिश्मकताओॊ को ध्मान भें यखते हुए विविध कक्रमा-कराऩों का आमोजन ककमा जाता यहता है|

विबाग द्िाया कर्नष्ि िगम के छात्रों के भरए मुि-बायती तथा िरयष्ि िगम के छात्रों के भरए बायत-िाणी नाभक दो सॊस्थाओॊ का सॊचारन ककमा जाता है| इन सॊस्थाओॊ की र्नमभभत रूऩ से होने िारी सबाओॊ भें िाद-वििाद, सािमजर्नक बाषण, कविता-ऩाि तथा यचनात्भक रेखन आहद का भ्मास कयामा जाता है|

विबाग द्िाया ड दून स्कूर िीकरी, अऩमण औय प्रमास आहद प्रकाशनों के भाध्मभ से छात्रों को रेखन औय प्रकाशन से जुड़े ऩहरुओॊ से ऩरयचचत कयामा जाता है|

विबाग द्िाया र्नमभभत रूऩ से नाट्म प्रस्तुर्तमाॉ की जाती है| इनभें कर्नष्ि तथा िरयष्ि िगम के छात्रों को अऩनी प्रर्तबा उबायने का अिसय भभरता है| हहन्दी विबाग ऩूये िषम िाद-वििाद, यचनात्भक रेखन, बाषण, काव्म-ऩाि आहद की प्रर्तमोचगता आमोक्जत कयता यहता है| इस प्रकाय की अॊतविमद्मारमीम प्रर्तमोचगताओॊ भें बी छात्रों को बाग रेने के ण केिर प्रोत्साहहत ककमा जाता है, अवऩतु उन्हें ऩूयी तैमायी के साथ बाग रेने के भरए बेजा बी जता है|